1300 की नौकरी से करोड़ों का कारोबार, आज बना 2 करोड़ टर्नओवर का मालिक, अब चला रहे एग्रो बिजनेस

Success Story: आज कल के युवाओं मे एक अशांति का माहौल हैं, वे अपने जीवन से हार मन कर निराश हो चुके हैं लेकिन शायद उनको नहीं पता की ये बस आप के मन का भ्रम है और अगर आप थोड़ा सा अपना दिमाग़ इस तरह के सोच से हटा कर एक दूसरे दिशा मे सोचे तो बहुत सारे लोगो की जिंदगी बदल जाएगी जैसा कि -” 1300 की नौकरी से करोड़ों का कारोबार, आज बना 2 करोड़ टर्नओवर का मालिक, अब चला रहे एग्रो बिजनेस”, युवाओं के लिए संदेश देते हुए नरेंद्र कहते हैं कि “छोटा काम हो या बड़ा, अगर आप लगन से करते हैं तो एक दिन बड़ा मुकाम जरूर हासिल कर सकते हैं. नौकरी करने से बेहतर है कि खुद का छोटा ही सही, लेकिन अपना काम शुरू करें.

1300 की नौकरी से करोड़ों का कारोबार; आज बना 2 करोड़ टर्नओवर का मालिक; अब चला रहे एग्रो बिजनेस

Success Story: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के छोटे से गांव सुरुगांव जोशी से निकलकर नरेंद्र पटेल ने मेहनत और लगन के दम पर एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो हर युवा को प्रेरित करती है. नरेंद्र बताते हैं कि उनके पिता जी ने जीवन यापन के लिए एक छोटा सा पान की दुकान की शुरुवात किये धीरे -धीरे पान के दुकान से वह कुछ सालो बाद किराना की दुकान खोल लिए और कुछ सालो तक इसको चलाने के बाद आज नरेंद्र सालाना करीब 2 करोड़ रुपए का टर्नओवर करने वाले सफल व्यवसायी बन चुके हैं.वे बताते हैं कि पान और किराने की दुकान संभालते हुए ही उनको अपनी पढ़ाई करनी पड़ती थी।

नरेंद्र की कहानी संघर्ष से शुरू होती है। उनके पिता ने गांव में पान की दुकान शुरू किया था, जिसे उन्होंने छठवीं कक्षा से ही संभालना शुरू कर दिया था. पढ़ाई के साथ-साथ जिम्मेदारी उठाना उनके जीवन का हिस्सा बन गया था. गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सनावद में आगे की शिक्षा पूरी की. उस समय हालात इतने साधारण थे कि टिफिन एक दिन छोड़कर आता था और उसी भोजन को दो दिन तक चलाना पड़ता था. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्राइवेट कंपनियों में छोटे-मोटे काम भी किए, जिससे घर की मदद हो सके. इसी बीच एक दोस्त ने उन्हें सलाह दी कि वे खुद का बिजनेस शुरू करें. यह बात नरेंद्र के मन में बैठ गई और उन्होंने हिम्मत जुटाकर खंडवा में मात्र 12 हजार रुपए की पूंजी से खाद-बीज की छोटी सी दुकान शुरू की. शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन नरेंद्र ने हार नहीं मानी.

उन्होंने किसानों को सही सलाह देना शुरू किया और ईमानदारी के साथ काम किया.धीरे-धीरे उनके द्वारा दिया हुआ सलाह किसानों को बहुत मददगार साबित होने लगा और जो वह सलाह देते थे उस से किसानों के खेतो मे खेती के दौरान आने वाली समस्या खत्म होने लगी तो ऐसे मे धीरे-धीरे उनका भरोसा बाजार में बढ़ने लगा और उनका बिजनेस भी आगे बढ़ता गया. आज उनकी दुकान खंडवा के मुख्य बाजार शनि मंदिर क्षेत्र में “दिव्या कृषि केंद्र” के नाम से जानी जाती है. नरेंद्र बताते हैं कि उन्होंने जिंदगी में 1300 रुपए महीने की नौकरी से शुरुआत की थी. धीरे-धीरे सैलरी बढ़ी, लेकिन उन्होंने नौकरी के साथ-साथ अपने बिजनेस पर भी ध्यान दिया. मेहनत और सही दिशा के कारण उनका छोटा सा व्यापार आज बड़े स्तर पर पहुंच चुका है.

नमो एग्रो एजेंसी शुरुआत
करीब तीन साल पहले उन्होंने खंडवा के पास छैगांव माखन में दूसरी दुकान भी शुरू की, जिसका नाम “नमो एग्रो एजेंसी” है. इस दुकान को उनके बड़े भाई संभालते हैं. आज दोनों दुकानों के जरिए वे सालाना 2 से 2.5 करोड़ रुपए का टर्नओवर कर रहे हैं.

युवाओं के लिए संदेश देते हुए नरेंद्र कहते हैं कि छोटा काम हो या बड़ा, अगर आप लगन से करते हैं तो एक दिन बड़ा मुकाम जरूर हासिल कर सकते हैं. नौकरी करने से बेहतर है कि खुद का छोटा ही सही, लेकिन अपना काम शुरू करें.
क्यों कि नौकरी मे एक फिक्स्ड समय मे फिक्स्ड पैसे की कमाई होती हैं लेकिन अगर आप खुद का काम शुरू करते हैं तो, इस काम का धीरे-धीरे बिस्तार कर सकते हैं और आप उसी समय मे और भी कई सारे काम कर पाएंगे जो आप के काम से मिलता जुलता होगा और इसके साथ ही साथ आप अपने समय के खुद मालिक होंगे और अपना बहुमूल्य समय अपने हिसाब से उचित जगह पर उपयोग कर सकते हैं लेकिन आप नौकरी मे बध से जाते हैं और कम्पनी के हिसाब से आप को अपने समय का उपयोग करना होता हैं।

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