राज्य ब्यूरो, लखनऊ – युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार की प्राथमिकता में शामिल ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना’ में इस वर्ष 2026 में 1.50 लाख नए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) स्थापित कराने का लक्ष्य रखा गया है इस क्रम में सरकार द्वारा – “यूपी में सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत 1.50 लाख युवाओं को लोन देंगे Bank, कई निजी बैंकों का लक्ष्य हुआ कम” है।

यूपी में सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत 1.50 लाख युवाओं को लोन देंगे Bank, कई निजी बैंकों का लक्ष्य हुआ कम
इस प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना’ के तहत इस वर्ष 1.50 लाख नए एमएसएमई स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। ऋण वितरण के लिए बैंकों के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक को सर्वाधिक ऋण देने का लक्ष्य मिला है, जबकि कुछ निजी बैंकों के लक्ष्य घटाए गए हैं।
ऋण वितरण के लिए बैंकों के लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं। सबसे अधिक 32,438 युवाओं को ऋण दिए जाने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक को दिया गया है। पिछले वर्ष योजना के तहत ऋण वितरण में खराब प्रदर्शन करने वाले निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों का लक्ष्य घटा दिया गया है।
लीड बैंकों में बैंक ऑफ बड़ौदा को 12,756, बैंक ऑफ इंडिया को 5168, केनरा बैंक को 11,125, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 5510, इंडियन बैंक को 10,298, पंजाब एंड सिंध बैंक को 2032, पंजाब नेशनल बैंक को 15,770, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 22,154 और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 10,764 एमएसएमई के लिए युवाओं को ऋण देने का लक्ष्य दिया गया है।
निजी क्षेत्र के अन्य बैंकों में बंधन बैंक को 100, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को 115, इंडसइंड बैंक को 160, कोटक महिंद्रा बैंक को 145 तथा यस बैंक को 100 नए एमएसएमई को ऋण देने का लक्ष्य दिया गया है।यूपी कोआपरेटिव बैंक को भी 100 एमएसएमई को ऋण दिए जाने का लक्ष्य दिया गया है।
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक शैलेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक सरकार द्वारा इस योजना के तहत मिले 1.5 लाख इकाइयों के लिए ऋण वितरण के लक्ष्य को दिसंबर तक हासिल कर लेने की तैयारी की गई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष में भी यही लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले बैंकों न योजना के तहत 1.47 लाख नए एमएसएमई के लिए ऋण दिए थे।
इस प्रकार ये उत्तरप्रदेश सरकार की राज्य को स्वरोजगार और युवाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए बहुत ही खास और लाभदायक कदम है जिस से राज्य की बेरोजगारी घाटेगी और युवाओं के हाथ में काम होगा और उत्तरप्रदेश राज्य के साथ साथ देश का भी विकाश होगा।