अक्सर लोग अपनी पढ़ाई-लिखाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में लग जाते हैं. अगर उन्हें अच्छे खासे पैकेज पर नौकरी मिल जाती है, तो वो सेटल हो जाते हैं. लेकिन आज हम एक ऐसी कहानी लेकर आए हैं, जिसने लाखों की नौकरी छोड़ दी और अपना बिजनेस शुरू किया. फिर उन्होंने 2.5 साल में ही करोड़ों की कंपनी बना दी है.ये सुनने मे बहुत ही आसान लगा होगा लेकिन इस छोटे काम मे भी बहुत सारे परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन लास्ट मे हार के आगे जीत मिल ही गई और ये कहना गलत नहीं होगा -“50 लाख की नौकरी छोड़कर शुरू किया था बिजनेस, फिर 2 साल में बना 5 करोड़ की कंपनी”

50 लाख की नौकरी छोड़कर शुरू किया था बिजनेस, फिर 2 साल में बना 5 करोड़ की कंपनी
1.50 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया बिजनेस
गुरुग्राम के रहने वाले साकेत सौरभ ने NIFT दिल्ली से ग्रेजुएशन की हुई है. उसके बाद साकेत बतौर प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर फ्लिक्सस्टॉक कंपनी के साथ जुड़ गए. उनकी सालाना सैलरी करीब 52 लाख रुपये थे. लेकिन साकेत हमेशा से कुछ अपना काम करना चाहते थे लेकिन बस वह अगला कदम नहीं ले पाते कही न कही उनकी कारपोरेट नौकरी आड़े आती तो ऐसे मे साकेत ने अपने बिजनेस के लिए नौकरी को त्याग दिया था
2.बहन-जीजा के साथ खोला कैफे
साकेत सौरभ ने अपनी बहन और जीजा के साथ मिलकर एक बैम्बू कैफे खोला. इस कैफे में अलग-अलग तरह के फूड मिलते थे. लेकिन इस कैफे में सबसे ज्यादा मोमोज ही बिकते थे. फिर साकेत ने मोमज पर ही फोकस किया और उसे आगे बढ़ाने का सोचा. अन्तः उनका ये बिलकुल सही निर्णय साबित हुआ और चीजे सही होने लगी.
3.हर दिन कमाने लगे 12000 रुपये
साकेर सौरभ ने मोमोज बेचकर हर रोज 12000 रुपये की सेल करने लगे. हालांकि उनके स्टॉल पर कई ऑफिस कर्मचारी आते थे, जो मोमो कोर्ट खोलना चाहते थे. इस तरह साकेत का फ्रेंचाइजी बिजनेस का आईडिया आया और उन्होंने इसकी फ्रेंचाइजी देनी शुरू कर दी, इस तरह इस बिज़नेस की सेल और ग्रोथ दोनों बढ़ाने लगी.
4.कंपनी को इस नाम से किया रेजिस्टर
साकेत सौरभ ने आधिकारिक तौर पर साल 2024 में द मोमज माफिया नाम से अपनी कंपनी को रेजिस्टर करवा लिया था. उनके साथ उनके 5 पार्टनर भी थे, जिनका नाम कता कुमारी, गौतम, सूर्य प्रकाश और शुभम ठाकुर हैं.
5.2.5 साल में बना दिया करोड़ों का साम्राज्य
साकेत सौरभ ने अपने बिजनेस में काफी मेहनत की और कई बार उन्होंने चुनौतियों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी. द मोमोज माफिया के पास अब करीब 40 कार्ट, 20 छोटे आउटलेट और दो रेस्टोरेंट भी मौजूद हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, साकेत ने सिर्फ 2.5 साल में ही 5 करोड़ की कमाई कर ली है.
इस प्रकार इस कहानी से हमें यही सीखा मिलती है की अगर लगन के साथ कुछ भी किया जाय तो रास्ते खुद ब खुद बन जाते है और अंत मे सफलता मिल ही जाती है, अगर हम बड़ा नहीं कर सकते है तो एक छोटे मोटे काम को भी बड़ा बना सकते हैं.